राजस्थान में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या हैं। सिरोही जिले में भी हर महीने कई हादसे होते हैं। लेकिन अधिकांश लोग नहीं जानते कि दुर्घटना के बाद क्या करें। इस गाइड में हम आपको सही कदम बताएंगे।
तुरंत पहला कदम — घायल की मदद करें
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, दुर्घटना के पास से गुजरने वाला कोई भी व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करे। यह न केवल नैतिक बल्कि कानूनी जिम्मेदारी भी है।
Good Samaritan Law के तहत अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से पुलिस अनावश्यक पूछताछ नहीं कर सकती।
राजस्थान आपातकाल नंबर: 108 (एम्बुलेंस)
पुलिस को सूचना और FIR
दुर्घटना के बाद तुरंत नजदीकी थाने या 100 पर कॉल करें। FIR दर्ज करवाना आपका अधिकार है। FIR में यह जरूर दर्ज करवाएं:
- दुर्घटना का समय, स्थान और कैसे हुई
- वाहन नंबर (यदि उपलब्ध)
- प्रत्यक्षदर्शियों के नाम और नंबर
- घायल व्यक्ति की जानकारी
अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करती तो SP कार्यालय में शिकायत करें।
बीमा क्लेम — दो प्रकार
1. थर्ड पार्टी क्लेम (MACT)
यदि दूसरे वाहन की गलती से दुर्घटना हुई है तो आप Motor Accident Claims Tribunal (MACT) में क्लेम कर सकते हैं। राजस्थान में हर जिले में MACT न्यायालय है।
2. खुद की इंश्योरेंस से क्लेम
यदि आपके वाहन का Comprehensive बीमा है तो अपनी बीमा कंपनी को 24 घंटे के अंदर सूचित करें।
Hit and Run के मामले में
यदि दुर्घटना करने वाला वाहन भाग गया (Hit and Run) तो भारत सरकार की Solatium Fund योजना के तहत मुआवजा मिल सकता है। मृत्यु पर ₹25,000 और गंभीर चोट पर ₹12,500 मिलते हैं। इसके लिए स्थानीय DM कार्यालय में आवेदन करें।
अस्पताल का कैशलेस इलाज
राजस्थान सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दुर्घटना के घायलों को सरकारी और पैनल अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिलता है। यह सुविधा ₹25 लाख तक के इलाज के लिए है।
सिरोही जिले में आपातकाल नंबर
- 108 — एम्बुलेंस
- 100 — पुलिस
- 101 — अग्निशमन
- 1070 — राज्य आपदा प्रबंधन
- 181 — मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
— मारवाड़ लाइव। यह गाइड जानकारी के उद्देश्य से है। कानूनी सलाह के लिए अधिवक्ता से संपर्क करें।
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