पिंडवाड़ा राजस्थान के सिरोही जिले का एक महत्वपूर्ण कस्बा और तहसील मुख्यालय है। अरावली पर्वतमाला के पश्चिमी ढलान पर बसा यह कस्बा मीणा समाज का प्रमुख केंद्र है और सिरोही जिले की सबसे बड़ी तहसीलों में से एक है।
पिंडवाड़ा का इतिहास
पिंडवाड़ा का ऐतिहासिक नाम "पिंड वाड़ा" से लिया गया है जिसका अर्थ है — पिंड (पूर्वज) और वाड़ा (बाड़ा या बस्ती)। यह क्षेत्र मीणा समाज की जड़ों से जुड़ा है। ब्रिटिश काल में भी पिंडवाड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र था।
नगरपालिका
पिंडवाड़ा नगरपालिका में कुल 25 वार्ड हैं। पालिका अधिशासी अधिकारी (EO) की देखरेख में नगर का विकास कार्य होता है। 2026 में नगरपालिका ने मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान के तहत QR कोड से नागरिक सुझाव लेने की डिजिटल पहल शुरू की है।
प्रमुख अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पिंडवाड़ा — तहसील का प्रमुख सरकारी अस्पताल
- पिंडवाड़ा में अनेक निजी क्लीनिक और छोटे अस्पताल भी उपलब्ध हैं
- गंभीर मामलों में सिरोही जिला अस्पताल रेफर किया जाता है
शिक्षा संस्थान
पिंडवाड़ा में शिक्षा की अच्छी सुविधाएं हैं:
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (सरकारी)
- अनेक निजी स्कूल
- महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (भावरी)
- सरकारी ITI पिंडवाड़ा
बाजार और व्यापार
पिंडवाड़ा का मुख्य बाजार सोमवार और गुरुवार को भरता है, जब आसपास के गांवों के लोग यहां आते हैं। अनाज, सब्जी, कपड़े और दैनिक वस्तुओं की खरीद-बिक्री होती है। पिंडवाड़ा में राशन डिपो, सहकारी समिति और अनेक व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं।
धार्मिक स्थल
- गौतम ऋषि महादेव मंदिर — शिवगंज के पास, मीणा समाज का प्रमुख देवस्थान
- अंबे माताजी मंदिर — पिंडवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में कई देवी मंदिर
पिंडवाड़ा से संपर्क
- सड़क: आबूरोड से 45 किमी, सिरोही से 58 किमी
- रेल: नजदीकी रेलवे स्टेशन आबूरोड
- तहसील कार्यालय: पिंडवाड़ा तहसील, शाखा — राजस्व, पटवारी, नामांतरण
— मारवाड़ लाइव, पिंडवाड़ा रिपोर्ट
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