सिरोही/आबूरोड — राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड एवं आबूराज क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के सीधे निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में कुल 56 अवैध गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई आम जनता की सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कलेक्टर के निर्देश पर सख्त अभियान
जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि आबूरोड और आबूराज क्षेत्र में कई होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए और उप-जिला अधिकारी (एसडीएम) डॉ. अंशु प्रिया को इस अभियान की कमान सौंपी।
एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया के नेतृत्व में टीम सक्रिय
एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया ने बिना किसी देरी के एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया। इस टीम में आबूरोड तहसीलदार पन्नाराम चौधरी, देलदर तहसीलदार डूंगराराम, नायब तहसीलदार कुंजबिहारी झा, सुरेश कुमार, सुखराज सिंह चारण, चम्पतसिंह चौहान, पटवारी जयंतिलाल एवं प्रदीप कुमार को शामिल किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से दोनों क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया ताकि किसी भी अवैध संचालक को पूर्व सूचना मिलने का अवसर न मिले।
आबूराज क्षेत्र में 20 स्थानों पर छापेमारी
आबूराज क्षेत्र, जो माउंट आबू पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात है, यहाँ पर्यटकों की भारी आवाजाही के कारण होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों की संख्या काफी अधिक है। इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में से कई घरेलू सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों का उपयोग कर रहे थे, जो न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत खतरनाक है। टीम ने आबूराज क्षेत्र में कुल 20 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध गैस सिलेंडर बरामद किए गए।
आबूरोड में 10 स्थानों पर कार्रवाई, 12 सिलेंडर जब्त
आबूरोड शहर में भी टीम ने 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। यहाँ विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों और दुकानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध व्यावसायिक उपयोग पाया गया। इस कार्रवाई में आबूरोड क्षेत्र से कुल 12 अवैध गैस सिलेंडर जब्त किए गए। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 56 अवैध गैस सिलेंडर प्रशासन की टीम ने अपने कब्जे में ले लिए।
क्यों खतरनाक है घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग?
घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग कई कारणों से गंभीर चिंता का विषय है। सबसे पहले, घरेलू सिलेंडरों पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है ताकि आम परिवारों को सस्ती दरों पर रसोई गैस उपलब्ध हो सके। जब इन सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जाता है, तो यह सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाता है और आम उपभोक्ताओं को गैस की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
दूसरा, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। व्यावसायिक उपयोग के लिए अलग से कमर्शियल सिलेंडर निर्धारित होते हैं, जिनकी फिटिंग, रेगुलेटर और सुरक्षा व्यवस्था अलग होती है। घरेलू सिलेंडरों के अनुचित उपयोग से गैस रिसाव और विस्फोट जैसी दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे न केवल कर्मचारियों बल्कि ग्राहकों और आसपास के लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
कालाबाजारी का जाल
जाँच में यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का एक संगठित तंत्र सक्रिय था। कुछ अवैध डीलर और बिचौलिए घरेलू कोटे के सिलेंडर सस्ती दरों पर खरीदकर उन्हें ऊँचे दामों पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बेच रहे थे। इससे एक तरफ आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पाता था, वहीं दूसरी तरफ इन बिचौलियों और दुकानदारों को अवैध मुनाफा हो रहा था। प्रशासन ने इस पूरे तंत्र की जाँच के भी आदेश दिए हैं।
प्रशासन की चेतावनी: कार्रवाई लगातार जारी रहेगी
एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध गैस सिलेंडरों के विरुद्ध यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले दिनों में भी इसी तरह की अचानक छापेमारी जारी रहेगी। उन्होंने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे केवल कमर्शियल गैस सिलेंडरों का ही उपयोग करें। जो भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग या कालाबाजारी करते पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि जनहित में इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अवैध उपयोग की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
जनता में संतोष का माहौल
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय जनता में संतोष और राहत का माहौल है। लंबे समय से आम उपभोक्ता गैस सिलेंडरों की कमी और देरी से परेशान थे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल पाती थी, जबकि आसपास के होटलों और ढाबों में घरेलू सिलेंडर खुलेआम इस्तेमाल हो रहे थे। अब प्रशासन की सख्ती से उन्हें उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होगा और उन्हें उनके हक का गैस सिलेंडर समय पर मिल सकेगा।
कार्रवाई टीम में शामिल अधिकारी
इस अभियान में आबूरोड तहसीलदार पन्नाराम चौधरी, देलदर तहसीलदार डूंगराराम, नायब तहसीलदार कुंजबिहारी झा, सुरेश कुमार, सुखराज सिंह चारण, चम्पतसिंह चौहान, पटवारी जयंतिलाल एवं प्रदीप कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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