आखातीज का महत्व
राजस्थान में आखातीज का पर्व विशेष महत्व रखता है। इसे अक्षय तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व हर साल वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है और इसे अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इस दिन किए गए कार्यों को अक्षय फल प्राप्त होता है, ऐसा माना जाता है।
2026 में आखातीज की तिथियां
2026 में आखातीज का पर्व दो दिन, 19 और 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस बार पर्व का आयोजन दो दिन होने से लोगों में विशेष उत्साह है। यह समय कृषि कार्यों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है, जब किसान नई फसल की बुवाई का आरंभ करते हैं।
स्थानिय परंपराएं
सिरोही जिले में इस दिन विशेष रीति-रिवाजों के साथ आखातीज मनाई जाती है। लोग नए वस्त्र धारण करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है। यह पर्व सामाजिक एकता का प्रतीक है, जहां लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशी मनाते हैं।
सामाजिक और आर्थिक पहलू
आखातीज का पर्व न केवल धार्मिक बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। यही कारण है कि ज्वैलरी व्यवसायियों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। साथ ही, कृषि क्षेत्र के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसान नई फसलों की तैयारी शुरू करते हैं।
आखातीज का पर्व अपने साथ खुशियों और सकारात्मकता का संदेश लाता है। यह दिन सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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